देशी मुर्गी पालन प्रशिक्षण / कुक्कुट पालन प्रशिक्षण
Kukkut Palan Prashikshan
मुर्गी फार्म कैसे खोलें : दोस्तों आज के समय में जैसा की हम सब जानते है हमारे देश में कई लोग खेती बाड़ी को छोड़कर नए-नए तरीके अपना रहे है अपनी कमाई के। उसी कड़ी में एक मुर्गी फ़ार्म (poultry farming in india) भी शामिल है। और हो भी क्यूँ ना क्योंकि मुर्गी फार्म के काम में मुनाफा ही इतना है की हर कोई इसे करना चाहेगा।
इसलिए हम आपको मुर्गी पालन व्यवसाय (poultry farm business plan) के बारें में सब कुछ बताएँगे की कैसे आप अपना फार्म बना सकते है और कैसे देसी मुर्गी पोल्ट्री फार्म से बड़ा मुनाफा कमा सकते है।
मुर्गी फार्म प्रशिक्षण :
सबसे जरूरी बात है प्रशिक्षण अगर आप प्रशिक्षण (poultry farm Training Center) लिए बिना कोई भी कार्य करते है तो आपको घाटे से सामना करना पड़ता है, इसलिए हमारे देश में कई ऐसी संस्थान है जहाँ मुर्गी पालन (poultry farming project) का प्रशिक्षण दिया जाता है।
इसके लिए कार्यालय में युवा आवेदन कर सकते हैं। और इसके लिए निर्धारित आयु 18 से 70 वर्ष है। तथा आठवीं उत्तीर्ण जरूरी है। आवेदक को 5 पासपोर्ट फोटो, परिचय पत्र व अन्य कागजात लेकर जाएं।
मुर्गीघर बनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें :
यहाँ हम आपको निम्नलिखित बिन्दुओं द्वारा मुर्गीघर बनाते समय ध्यान रखने योग्य बातों (poultry farm equipment) से अवगत करा रहे है, जो इस प्रकार है...
मुर्गीघर अपने आवास के साथ लगा हुआ एवं स्थानीय सामग्रियों से बनाया जा सकता है। जहाँ तक हो सके, घर को पूर्व-पश्चिम दिशा की ओर बनाएं।
यदि संभव तो मुर्गीघर को इक्कट्ठे हुए पानी, बाढ़ आदि से बचाने हेतु घर के फर्श को जमीन से करीब 1 फुट ऊँचा बनाएं ताकि बीट आदि नीचे इकट्ठा हो जाए जिसे बाद में खाद के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
मुर्गीघर बहतु महंगा नहीं होना चाहिए, परन्तु घर की मजबूती, आराम तथा सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना चाहिए।
घर का फर्श ऐसा होना चाहिए कि नमी तथा दरार पड़ने से बचा रहे, आसानी से साफ किया जा सके, मजबूत हो तथा चूहों इत्यादि का प्रवेश न होने पाए।
मुर्गी घर में आस-पास पेड़ लगाएं ताकि पेड़ों की छाया उस पर पड़ती रहे।
दीवारों का लगभग 75% हिस्से को बांस की जाली बनाकर ढकें। जालीदार दीवार में मोटा बोरा का पर्दा लगाएं जिसे सामान्यतः गोल घुमाकर ऊपर बांध कर रखें। आवश्यकतानुसार बारिश या तेज धुप पड़ने पर उसे खोल कर नीचे लटका दें ताकि मुर्गियाँ पानी तह गर्मी से बची रहें। इन बोरोन को अधिक गर्मी के दिनों में पानी डालकर ठंडा रखें।
जब आप ऊपर बताए गए बिन्दुनुसार अपना मुर्गी फ़ार्म तैयार कर लेते है तो आपको जरूरत पड़ती है फिर आधुनिक उपकरणों की तो इनमे फीडर गर्मी प्रदान करने के लिए लाइट बल्ब तथा हलोजन्स लाइट , दवाई , टीकाकरण की सामग्री इत्यादि शामिल होते है।
ध्यान रहे की मुर्गी पालन व्यवसाय तीन चीज़ों के लिए किया जाता है...
1. मांस के लिए
2. अंडा के लिए
3. अंडा मांस दोनों के लिए
4. कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाना हमारा उद्देश्य है तथा इसके लिए हमें चाहिए के हम सही देसी नस्लों के मुर्गी का चयन करें। अपने जगह के वातावरण के अनुसार ही मुर्गी का नसल का चुनाव करें आजकल बाजार में संकर नस्ल के मुर्गियां भी उपलब्ध हैं जो के अंडा और मांस के लिए काफी लाभदायक हैं।
जून महा कि प्रशिक्षण सुरू होने वाला है आप आवेदन कर सकते है इसमें केवल अस्सी 80 प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण ले सकते है l
नीचे दिये गये ऍड्रेस पे आप डॉक्युमेंट्स भेज सकते है..
विश्व मराठा यशोज्ञान फाउंडेशन,
झेन स्टार फार्मा..
सिल्वर बिल्डकॉन शॉप नंबर 18, मेहर हॉटेल के नीचे मेहर सिग्नल के पास गोळे कॉलनी नाशिक महाराष्ट्र
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